हिंदी भजन २

क्रमांक भजन
1 अजब संसार का परदा, ढँका है खूब सूरत में
2 अजब हैरान हूँ भगवन्‌ ! पार कैसे लगाओगे ?
3 अजमा रहा खुशीसे, विषयोंका भान प्यारे !
4 अजहुँ न आये गये गिरिधारी ।
5 अजि ! कहो कैसे करुँ स्वामी !
6 अजि ! क्यों कृपण बने महाराज !
7 अजि ! खेचर मुद्रा लाग रही तनमों
8 अजि ! दो दर्शन महाराज !
9 अजि ! भरपूर चली भवधारा
10 अजि ! मोरी लाज रखो भगवाना !
11 अजि ! शरणागत की, लाज रखे गिरिधारी
12 अजि ! सुनो ग्यानकी बाता
13 अजि कौन करे यह बानी
14 अजि तोड़ी मनका खटका
15 अजि मोहन ! मुझको, मोहकि मोह बिसारी
16 अधार मेरे प्यारेका, मुझको अधार
17 अधिकार तेरो स्वामी ! घट - घटके अन्तर्यामी
18 अपने आप न कोई पछाने
19 अपने को आप भुलके, हैरान हो रहा है
20 अपने न जानता हूँ, जाना जरूर होगा
21 अपने प्रभुसे रहो राजी । भाई !
22 अपने ही धुनमें गाना
23 अपनेको आप भूला, हैरान होरहा है
24 अब आता है, अब आता है
25 अब आत्मरूप मिला ले पियारे !